‘मोदी सरकार ने सबसे ज्‍यादा खराब की दुनिया में भारत की इज्‍जत”, आंकड़ो से छेड़छाड पर कांग्रेस ने भी साधा निशाना

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi speaks during the National Youth Parliament Festival, 2019 Awards function, in New Delhi, Wednesday, Feb 27, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI2_27_2019_000026B)

दुनिया के कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों द्वारा भारत के आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों में ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप” पर चिंता जताए जाने के बाद कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को इसे सत्ता से बाहर करना चाहिए।

जनसत्ता ऑनलाइन की खबर के मुताबिक दुनिया के कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों द्वारा भारत के आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों में ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप” पर चिंता जताए जाने के बाद कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को इसे सत्ता से बाहर करना चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता को किसी ने भी मोदी सरकार से ज्यादा आघात नहीं पहुंचाया। 108 अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री एवं समाज शास्त्री चिंतित हैं और आपको भी चिंतित होना चाहिए।” उन्होंने कहा, ” उस पार्टी को सत्ता से बाहर करिये जो आंकड़ों में छेड़छाड़ करके अपनी व्यापक विफलताओं को छिपाती है।” खबरों के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों और समाज शास्त्रियों ने आर्थिक आंकड़ों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता जतायी है। कुल 108 विशेषज्ञों ने एक संयुक्त बयान में सांख्यिकी संगठनों की ‘संस्थागत स्वतंत्रता’ बहाल करने का आह्वान किया है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में संशोधन करने तथा एनएसएसओ द्वारा रोजगार के आंकड़ों को रोक कर रखे जाने के मामले में पैदा हुये विवाद के मद्देनजर यह बयान आया है।

कांग्रेस प्रवक्ता का यह भी कहना है कि दुनिया के कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों द्वारा भारत के आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों में ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप”’ पर चिंता जताए जाने के बाद कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को इसे सत्ता से बाहर करना चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता को किसी ने भी मोदी सरकार से ज्यादा आघात नहीं पहुंचाया। 108 अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री एवं समाज शास्त्री चिंतित हैं और आपको भी चिंतित होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ” उस पार्टी को सत्ता से बाहर करिये जो आंकड़ों में छेड़छाड़ करके अपनी व्यापक विफलताओं को छिपाती है।” खबरों के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों और समाज शास्त्रियों ने आर्थिक आंकड़ों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता जतायी है। कुल 108 विशेषज्ञों ने एक संयुक्त बयान में सांख्यिकी संगठनों की ‘संस्थागत स्वतंत्रता’ बहाल करने का आह्वान किया है।सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में संशोधन करने तथा एनएसएसओ द्वारा रोजगार के आंकड़ों को रोक कर रखे जाने के मामले में पैदा हुये विवाद के मद्देनजर यह बयान आया है।