अर्थव्यवस्था की हालत खराब: देश का कुल व्यापार घाटा 13 फीसदी बढ़ा

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi speaks during the National Youth Parliament Festival, 2019 Awards function, in New Delhi, Wednesday, Feb 27, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI2_27_2019_000026B)

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक माल एवं सेवाओं का कुल व्यापार घाटा पिछले 11 माह के दौरान 13 फीसदी बढ़कर 93.32 अरब डालर पर पहुंच गया है. पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि में यह 82.46 अरब डालर पर था.

हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि आंकड़े अस्थाई हैं. और रिजर्व बैंक के अंतिम आंकड़े आने के बाद इनमें बदलाव संभव है.

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से फरवरी के 11 महीने में माल एवं सेवाओं का कुल 483.98 अरब डालर का निर्यात किया गया. वहीं इस अवधि में माल एवं सेवाओं का कुल आयात 577.31 अरब डालर का रहा. इस प्रकार कुल व्यापार घाटा 93.32 अरब डालर का रहा.

विज्ञप्ति के अनुसार इस अवधि में 464.00 अरब डालर के सामानों का आयात किया गया. जबकि सेवाओं के आयात का आंकड़ा 113.31 अरब डालर रहा. कुल मिलाकर माल एवं सेवाओं का 577.31 अरब डालर का आयात हुआ. वस्तुओं के आयात में इस दौरान 9.75 प्रतिशत जबकि सेवाओं के आयात में 8.09 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई.

इस अवधि अवधि में वाणिज्यिक माल का निर्यात जहां 298.47 अरब डालर का रहा. वहीं सेवाओं का 185.51 अरब डालर का निर्यात किया गया.

मूल्य के लिहाज से पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि में सामान के निर्यात के मुकाबले इस साल 8.85 फीसदी अधिक वस्तुओं का निर्यात किया गया. वहीं सेवाओं के निर्यात में 8.54 फीसदी की वृद्धि रही.

पिछले 11 माह के दौरान भारत ने आयात के मुकाबले 72.20 अरब डालर की अधिक सेवाओं का निर्यात किया. लेकिन वस्तुओं के व्यापार में 165.52 अरब डालर का घाटा होने की वजह से शुद्ध व्यापार घाटा 93.32 अरब डालर का रहा.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेवा व्यापार के आंकड़े अभी अंतिम नहीं हैं. सेवा व्यापार के फरवरी के आंकड़े अनुमान के आधार पर जोड़े गए हैं. वहीं अक्तूबर से जनवरी तक के सेवा व्यापार के आंकड़े रिजर्व बैंक के अस्थाई आंकड़ों पर आधारित हैं. इस लिहाज से अप्रैल-फरवरी के सकल व्यापार घाटे के आंकड़ों में बदलाव भी हो सकता है.

विज्ञप्ति के अनुसार अप्रैल से फरवरी 2018- 19 के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों का कुल आयात 128.72 अरब डालर रहा. जो कि पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि में 97.53 अरब डालर का रहा था.

इस प्रकार डॉलर के आयात आंकड़ों में यह 32 प्रतिशत अधिक रहा. वहीं गैर- पेट्रोलियम वस्तुओं का आयात इसी अवधि में 335.28 अरब डालर का रहा. यह पिछले वित्त वर्ष के इसी अवधि में हुए आयात के मुकाबले 3.09 प्रतिशत अधिक है.