कोई नहीं जानता पीएम मोदी यूनिवर्सिटी गए कि नहीं: अब राहुल गांधी ने उठाया मोदी की डिग्री पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री का मुद्दा एक फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले को उठाया है। राहुल ने इंफाल में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान इस संबंध में सवाल उठाए।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर सवाल उठाया है। राहुल ने इंफाल में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया। राहुल ने कहा कि हमें अभी तक पीएम की डिग्री के बारे में पता नहीं चल पाया है। वास्तव में कोई नहीं जानता कि प्रधानमंत्री यूनिवर्सिटी गए थे या नहीं। राहुल ने कहा कि पीएम की यूनिवर्सिटी की डिग्री के बारे में एक आरटीआई फाइल की गई थी लेकिन उसके बारे में कोई जवाब नहीं मिला।

कांग्रेस अध्यक्ष ने छात्रों के साथ बातचीत मे नोटबंदी के निर्णय पर सवाल उठाने के साथ ही पीएमओ को भी निशाने पर लिया। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आरबीआई को बाइपास कर नोटबंदी का निर्णय लिया। उन्होंने जो निर्णय वे खास मकसद से उठाए गए थे। पीएमओ पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि उसे प्रधानमंत्री कार्यालय नहीं बल्कि प्रचार मंत्री का कार्यालय कहना चाहिए। दरअसल पीएमओ वहीं करता है जिसमें प्रधानमंत्री की रुचि है।

इससे पहले प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में आरटीआई दाखिल की गई थी। यूनिवर्सिटी ने आरटीआई कार्यकर्ताओं के इस कदम को सस्ती लोकप्रियता पाने का स्टंट बताया था। पिछले साल 22 मई को जस्टिस राजीव शकधर ने सुनवाई की थी। इससे पहले प्रधानमंत्री डिग्री विवाद मामले में दिसंबर 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को 1978 में बीए पास करने वाले सभी छात्रों की रिकॉर्ड की पड़ताल करने का निर्देश दिया था। डीयू ने सीआईसी के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

इससे पहले यूनिवर्सिटी ने आयोग से कहा था कि पीएम के डिग्री के बारे में सूचना थर्ड पार्टी जानकारी है। इस पर आयोग ने कहा था कि विश्वविद्यालय के केंद्रीय सूचना अधिकारी की इस दलील में कोई दम या कानूनी पक्ष नहीं है। इससे पहले आरटीआई आवेदन में 1978 में बीए की परीक्षा में शामिल हुए सभी विद्यार्थियों की कुल संख्या, उनका परीक्षा परिणाम, रोल नंबर व अन्य सूचनाएं मांगी गई थीं। दरअसल यह पूरा मामला आम आदमी पार्टी की तरफ से पीएम की डिग्री को लेकर उठाए गए सवाल के बाद खड़ा हुआ था। इस विवाद के बाद डीयू के रजिस्ट्रार ने कहा था कि पीएम ने 1978 में बीए की परीक्षा पास की थी और उन्हें 1979 में डिग्री दी गई थी।