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ज़रा याद करो कुर्बानी: फांसी से पहले भगत सिंह का संदेश, पढिये…

23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सत्ता ने भगत सिंह और उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर चढ़ा दिया था. तब से लेकर आज तक भगत सिंह और उनके साथी युवाओं समेत पूरे देश के प्रेरणास्त्रोत रहे हैं.
भगत सिंह ने तीन मार्च 1931 को लाहौर जेल से अपने छोटे भाई अजीत कुलतार को लिखा था,
“हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली,
ये मुश्ते-ख़ाक है फानी, रहे रहे न रहे।” […]

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अखबार नामा: अजब गजब गोदी मीडिया- पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस का बायकाट और प्रधानमंत्री का शुभकामना संदेश साथ-साथ

संजय कुमार सिंह अखबारों में प्रधानमंत्री के संदेश की दबी-छिपी चर्चा आज के अखबारों में जो बड़ी खबरें हैं उनमें एक है – सरकार ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम का बायकाट किया। यह बायकाट […]

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नज़रिया: मोदी को लोकपाल से डर लगता है, पर सुप्रीम कोर्ट के डंडे ने काम बना दिया!।

मोदी मुख्यमंत्री थे तो लोकायुक्त नहीं बनने दिया था… प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोकपाल नहीं बनने दिया… सुप्रीम कोर्ट के डंडे के जोर से बना है लोकपाल… याद करें सात आठ बरस पहले लोकपाल के लिए हुए अन्ना आंदोलन के दौर की जब सड़कों पर उमड़े जनसैलाब से भारत सरकार भी सहम गई थी. भारतीय जनता पार्टी सहित सारी विरोधी पार्टियाँ अन्ना अनशनस्थल पर मत्था टेक रहीं थीं. मनमोहन सरकार बेकफुट पर आई और संसद के विशेष अधिवेशन के बाद लोकपाल/लोकायुक्त क़ानून बन गया. […]

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अखबार नामा: अजब गजब गोदी मीडिया- पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस का बायकाट और प्रधानमंत्री का शुभकामना संदेश साथ-साथ

एक तरफ बायकाट, पाकिस्तान को सबक सीखाने का माहौल और नरेन्द्र मोदी का संदेश भेजना। निश्चित रूप से सामान्य नहीं है और यकीन नहीं होगा। अखबारों और अब सरकार की ओर से सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों समेत सरकारी सूचना तंत्र जिसमें रेडियो, दूरदर्शन, पीआईबी सब शामिल हैं – का काम यही है कि आम जनता को सही और भरोसेमंद सूचना दें। निजी तौर पर मैं यह दावा नहीं कर सकता कि किसी ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं की। लेकिन मुझे पता नहीं चला कि असल में मामला क्या है। इस संबंध में टेलीग्राफ ने लिखा है, (अनुवाद मेरा) देर रात तक भारत ने प्रधानमंत्री के कथित संदेश की पुष्टि नहीं की थी। […]

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अख़बार नामा: गोदी मीडिया ने येदुरप्पा की डायरी वाली खबर क्यों दबाई? जानिए, समझिये…

कैरवां पत्रिका ने एक रिपोर्ट छापी है। इस रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग के पास एक ऐसी डायरी है जिसमें जजों को ढाई सौ करोड़ दिए जाने के हिसाब हैं। इसमें बीजेपी नेताओं को भी सौ करोड़ से लेकर दस करोड़ तक दिए जाने के हिसाब है। दावा किया गया है कि यह डायरी येदुरप्पा की है।

2009 में इस डायरी में येदुरप्पा ने अपने हाथों से लिखा है कि राजनाथ सिंह को सौ करोड़, मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को पचास करोड़ दिए हैं। गडकरी के बेटे की शादी में दस करोड़ दिए गए हैं। येदुरप्पा ने लिखा है कि बीजेपी की सेंट्रल कमेटी को एक हज़ार करोड़ दिया है। जेटली को डेढ़ सौ करोड़ दिया है। रिपोर्टर हैं नीलीमा और आथिरा। कैरवां ने दावा किया है कि उसके पास पूरी डायरी है और उस पर येदुरप्पा के दस्तखत हैं। आगे की कहानी इस रिपोर्ट में है। येदुरप्पा ने बीजेपी नेताओं को 1800 करोड़ दिए है। […]

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हालात: विश्व खुशहाली इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले सात स्थान फिसला

विश्व खुशहाली इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले सात स्थान नीचे खिसक आया है. संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में भारत का स्थान 140वां है. इस सूची में भारत का पड़ोसी पाकिस्तान भारत से ऊपर है. फिनलैंड इस मामले में लगातार दूसरे साल पहले स्थान पर रहा.संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क ने यह रिपोर्ट जारी की है. […]

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खेतिहर मजदूरो के नहीं आये ‘अच्छे दिन’, 6 साल में देश के 3 करोड़ से ज्यादा मजदूर हुए बेरोजगार

एक ओर पीएम मोदी किसानों को सम्मान देने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले 6 साल में देश के 3 करोड़ से ज्यादा खेतिहर मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इस अवधि में मोदी सरकार का 5 साल का कार्यकाल भी शामिल है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के सर्वे के आधार पर छपी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बीते वित्त वर्ष 2011-12 से 2017-18 के दौरान यानी 6 साल में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 3 करोड़ से ज्यादा खेतिहर मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। यह गिरावट लगभग 40 प्रतिशत है। […]

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अखबार नामा: अच्छे पेड न्यूज का उदाहरण, देखिए हिन्दुस्तान टाइम्स में नितिन गडकरी का इंटरव्यू

संजय कुमार सिंह इसमें पाठक के लिए वह नहीं है जो होना चाहिए था जबकि चुनावी दल के लिए उपयोगी है मतदाताओं को अखबारों के जरिए लुभाने या सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में अखबारों के […]

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अखबार नामा: अच्छे पेड न्यूज का उदाहरण, देखिए हिन्दुस्तान टाइम्स में नितिन गडकरी का इंटरव्यू

मतदाताओं को अखबारों के जरिए लुभाने या सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में अखबारों के बिछ जाने तथा तामाम कायदे कानूनों के साथ चुनावी नैतिकता को भी ताक पर रख दिए जाने के अपने उदाहरणों के तहत आज मैं अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग , जहाजरानी और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी के इंटरव्यू की चर्चा करूंगा। हिन्दी के अपने पाठकों के लिए अंग्रेजी में छपे इस इंटरव्यू का तर्जुमा मेरा है। […]

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कोई नहीं जानता पीएम मोदी यूनिवर्सिटी गए कि नहीं: अब राहुल गांधी ने उठाया मोदी की डिग्री पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री का मुद्दा एक फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले को उठाया है। राहुल ने इंफाल में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान इस संबंध में सवाल उठाए। […]